विस्थापन की कविताएं

Translation of five poems on the theme of migration. Migration today has become a world wide phenomenon. The US policy of separating children from parents who illegally enter into US has attracted criticism in US and across the world. War, internal conflict, political oppression all contribute to people migrating at great personal risk. Poets have given expression to the agony and deep anxiety of people who are forced to be migrants.

शर्को बेकस की कविताएं ( कुर्दिस्तान)

शर्को बेकस-जन्म 1940, मृत्यु-2013. ईराक के कुर्द बहुल सुलेमानिया प्रांत में जन्मे शर्कों बेकस कुर्दिस्तान की आजादी के लिए आंदोलन में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई सालों तक स्वीडेन में निर्वासित जीवन व्यतीत किया है। बेकस ने कुर्दी भाषा में कविता की नयी शैली की शुरूआत की। कवि के रूप में शर्कों बेकस की तुलना पाब्लो नेरूदा और नाजिम हिकमत से की जाती है। उनकी कुछ कविताओं का हिंदी अनुवाद।

लैटिन अमरीकी कविताएं (चिली)

अनुवादः राजेश कुमार झा जॉर्ज टेलियर (1935-1996) जॉर्ज टेलियर को चिली के सर्वश्रेष्ठ कवियों में गिना जाता है। वे चिली के आधुनिक साहित्यिक परिदृश्य के स्तम्भ माने जाते हैं। टेलियर अवसाद और स्मृति को उकेरने वाले कवि के रूप में जाने जाते हैं लेकिन आनंद के बारे में लिखी हुई उनकी कविताएं भी उतनी ही बेहतरीन …

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O Nation, You are Great and Mighty!

-Rajesh Kumar Jha O Nation you are great and mighty, And I am small. My eyes widen, jaws drop and hands tremble, When I see your might, I find myself feeble. On the snow clad mountain, Inside the jungle and across the ravines, on enemies from beyond and enemies from within, encounter or gun battle, …

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धीरे धीरे मरते जाते हैं हम (मार्था मद्योस*)

It is the translation of a poem 'You start dying slowly' (Muere Lentamente) wrongly attributed to Pablo Neruda. It is actually written by the Brazilian writer Martha Medeiros, author of numerous books and reporter for the Porto Alegre newspaper Zero Hora. It is a beautiful poem. Here is the Hindi translation of this poem

रवींद्रनाथ टैगोर की कविता

(आनंद कुमारस्वामी की पुस्तक डांस ऑफ शिवा से उद्धृत) अनुवाद- राजेश कुमार झा विरक्त हो संसार से, मुक्ति का यह मार्ग नहीं मेरा। संसार चक्र के शतबंधन से आबद्ध, करूँ आस्वादन अनंतमुक्ति, अमृतरस का... ध्वनि, दृश्य, गंध के हर स्पंदन से निःसृत, करूँ रसपान तेरे परम आह्लाद का, भाव व आसक्ति  की चिंगारी से सिंचित …

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