परिचय (कमला दास की कविता)

कमला दास (1934-2009) अंग्रेज़ी और मलयालम की प्रसिद्ध लेखिका, कवयित्री। उनकी कविताओं में female-sexuality की बेबाक़ अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी एक अंग्रेज़ी कविता का हिंदी अनुवाद

कभी न लिखी जाने वाली कविता के लिए नोट्स (मार्गरेट एटवुड)

मानवाधिकार हनन और प्रताड़ना के खिलाफ मार्गरेट एटवुड की कविता। चालीस साल पहले लिखी यह कविता दुनिया भर में प्रताड़ित हो रहे लोगों, कवियों, लेखकों के लिए गहरी संवेदना से सराबोर है।

सैयद शमशुल हक की कविताएं -2 (बंगलादेश)

सैयद शमशुल हक (1935-2016) बंगलादेश के अग्रणी कवि, हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिकताबोध के साथ ही बंगलादेश की सांस्कृतिक विरासत की गंध पिरोयी होती है। उन्होंने कविता, नाटक और उपन्यास के साथ ही अनेक विधाओं में रचनाएं की। ये कविताएं सैयद शमसुल हक के काव्य संग्रह पोरानेर गहीन भीतोर के अंग्रेजी अनुवाद से ली गयी हैं। अंग्रेजी अनुवाद प्रोफेसर सोनिया अमीन ने किया है। उनकी दस कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में दो खंडों में किया गया है। दूसरा खंड।

सैयद शमशुल हक की कविताएं -1 (बंगलादेश)

सैयद शमशुल हक (1935-2016) बंगलादेश के अग्रणी कवि, हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिकताबोध के साथ ही बंगलादेश की सांस्कृतिक विरासत की गंध पिरोयी होती है। उन्होंने कविता, नाटक और उपन्यास के साथ ही अनेक विधाओं में रचनाएं की। ये कविताएं सैयद शमसुल हक के काव्य संग्रह पोरानेर गहीन भीतोर के अंग्रेजी अनुवाद से ली गयी हैं। अंग्रेजी अनुवाद प्रोफेसर सोनिया अमीन ने किया है। उनकी दस कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में दो खंडों में किया गया है। पहला खंड।

दनुशा लमेरिस की कविताएं

दनुशा लमेरिस अमरीका में रहती हैं। उनकी कविताओं के संग्रह The Moons of August को 2013 में Autumn House Press पुरस्कार के लिए चुना गया था। वे कहती हैं कि अपनी भाषा नहीं बोल पाना एक तरह का देश-निकाला है जिसका व्यक्ति पर गहरा असर होता है। उनकी दो कविताओं का अनुवाद

ओटो रेन कैस्टिलो (ग्वाटेमाला)

Otto Rene Castillo (1936-67) was a Guatemalan revolutionary, a guerilla  fighter, and a poet. After the coup in Guatemala, he went in exile to El Salvador where other revolutionaries helped him publish his poems. His poems exude revolutionary fire while tender feelings of love and compassion also enrich his poetry. He was brutally burnt to death in the course of his guerrilla fight against the government in Guatemala in 1967. Three of his poems are translated here in Hindi from English.

मुट्ठी भर इज्जत

कलेकुरी प्रसाद (1964-2013) , तेलुगू कवि, लेखक, अनुवादक, दलित अधिकार कार्यकर्ता। तेलुगू दलित साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान। उनकी कविताओं में दलितों पर होने वाले अत्याचार और अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध का स्वर मुखर रूप में सुनाई देता है।

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