अजमेर रोड़ की कविताएं-2

Ajmer Rode is a powerful and influential literary figure writing in Punjabi and English. His collection of poems 'Leela' is considered a landmark in Punjabi poetry. His poems confront questions of immigrant life and other existential issues of the humankind. The simplicity of his poetry combined with the intensity of personal experience leaves a deep impact on the reader. He lives in Canada. In the second of the series, here is the translation of there of his selected poems.

अजमेर रोड़ की कविताएं-1

Ajmer Rode is a powerful and influential literary figure. He writes in Punjabi and English. His collection of poems 'Leela' is considered a landmark in Punjabi poetry. His poems confront questions of immigrant life and other existential issues of the humankind. The simplicity of his poetry combined with the intensity of personal experience leaves a deep impact on the reader. He lives in Canada. Here is the translation of some of his selected poems in three episodes. This is the first one with five poems of Ajmer Rode translated into Hindi.

विस्थापन की कविताएं

Translation of five poems on the theme of migration. Migration today has become a world wide phenomenon. The US policy of separating children from parents who illegally enter into US has attracted criticism in US and across the world. War, internal conflict, political oppression all contribute to people migrating at great personal risk. Poets have given expression to the agony and deep anxiety of people who are forced to be migrants.

मलिवे मसिस्का  की कविताएं (मालावी)

अनुवाद- राजेश कुमार झा कवि परिचय-मलिवे मसिस्का  का जन्म मालावी में हुआ। वर्तमान में वे लंदन के बर्कबेक विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्राध्यापक हैं। उन्होंने कविताओं के अलावा अफ्रीकी लेखक वुल सोईंका तथा चिनुआ अचेबे पर भी किताबें लिखी हैं। केले का पत्ता जाड़ों के बीतने के बाद, लिखूंगा तुम्हारे लिए एक प्रेम गीत- सरल …

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मैथ्यू शेनोडा की कविताएं (मिस्र)

मिस्र के कवि मैथ्यू शेनोडा की कविताओं का अनुवाद। शेनोडा का जन्म कॉप्टिक ईसाई समुदाय में हुआ। कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर।

फदील अल अज्जावी की कविताएं (ईराक)

Faddil Al Azzawi (b. 1940) is an Iraqi poet, novelist and literary critic. His works combine elements of prose and poetry together. He is a widely respected poet and literary figure who was jailed in 1963 by the Iraqi government. He now lives in Germany after going in exile. He believes that poetry separates falsehood from truth and the work of the poet is to break the mould. Some of his poems are translated here in Hindi.

शर्को बेकस की कविताएं ( कुर्दिस्तान)

शर्को बेकस-जन्म 1940, मृत्यु-2013. ईराक के कुर्द बहुल सुलेमानिया प्रांत में जन्मे शर्कों बेकस कुर्दिस्तान की आजादी के लिए आंदोलन में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई सालों तक स्वीडेन में निर्वासित जीवन व्यतीत किया है। बेकस ने कुर्दी भाषा में कविता की नयी शैली की शुरूआत की। कवि के रूप में शर्कों बेकस की तुलना पाब्लो नेरूदा और नाजिम हिकमत से की जाती है। उनकी कुछ कविताओं का हिंदी अनुवाद।

लैटिन अमरीकी कविताएं (अर्जेंटीना, कोलंबिया, बोलीविया)

लैटिन अमरीका के तीन देशों-अर्जेटीना, बोलीविया और कोलंबिया के तीन महत्वपूर्ण कवियों का अनुवाद।

लैटिन अमरीकी कविताएं (चिली)

अनुवादः राजेश कुमार झा जॉर्ज टेलियर (1935-1996) जॉर्ज टेलियर को चिली के सर्वश्रेष्ठ कवियों में गिना जाता है। वे चिली के आधुनिक साहित्यिक परिदृश्य के स्तम्भ माने जाते हैं। टेलियर अवसाद और स्मृति को उकेरने वाले कवि के रूप में जाने जाते हैं लेकिन आनंद के बारे में लिखी हुई उनकी कविताएं भी उतनी ही बेहतरीन …

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लैटिन अमरीकी कविता (मेक्सिको)

  अनुवादः राजेश कुमार झा डेविड होर्ता की तीन कविताएं डेविड होर्ता (जन्म 1949) मेक्सिको के महानतम कवियों में गिने जाते हैं। वे अपनी कविताओ में बिंब और प्रतीकों के साथ ही बिलकुल असामान्य शब्दावली का इस्तेमाल करते हैं। होर्ता की कविताएं असाधारण और जटिल हैं। उनका मानना है कि वे परंपरागत शैली में कविता …

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क्वामे दावेस की कविताएं (२)

घाना में पैदा हुए, जमैका में पले बढ़े क्वामे दावेस की कविताओं के अनुवाद की दूसरी किस्त जिसमें शामिल हैं उनकी चार अन्य कविताएं।

निज़ार कब्बानी की कविताएं

Nizar Qabbani (1923-1998), Syrian poet and diplomat. His poetic style combines simplicity and elegance in exploring themes of love, eroticism, feminism, religion, and Arab nationalism. Qabbani is one of the most revered contemporary poets in the Arab world. Here are three of his poems translated into Hindi (from English translations)

करेंगे या मरेंगे (काउंटी कलेन)

इस कविता से एक रोचक प्रसंग जुड़ा हुआ है। भारत छोड़ो आंदोलन के शुरू होने के 10 दिनों के अंदर, 19 अगस्‍त 1942 को अमेरिका में एक कविता अंग्रेजी में प्रकाशित हुई थी। प्रसिद्ध अफ्रीकी-अमेरिकी कवि काउंटी कलन की इस अंग्रेजी कविता का शीर्षक था ‘करेंगे या मरेंगे’, डू ऑर डाय’ नहीं, ‘करेंगे या मरेंगे’। सोचने की बात ये है कि आखिर अंग्रेजी में लिख रहे इस अश्‍वेत संघर्ष के कवि ने ‘करेंगे या मरेंगे’ का अंग्रेजी अनुवाद न करके अपनी अंग्रेजी कविता का शीर्षक गांधी के शब्‍दों को ज्‍यों का त्‍यों रखा, जबकि हमारे देश के अनुवादक और इतिहासकर्मी ‘करो या मरो’ क्‍यों लिखने लगे ?

धीरे धीरे मरते जाते हैं हम (मार्था मद्योस*)

It is the translation of a poem 'You start dying slowly' (Muere Lentamente) wrongly attributed to Pablo Neruda. It is actually written by the Brazilian writer Martha Medeiros, author of numerous books and reporter for the Porto Alegre newspaper Zero Hora. It is a beautiful poem. Here is the Hindi translation of this poem

रवींद्रनाथ टैगोर की कविता

(आनंद कुमारस्वामी की पुस्तक डांस ऑफ शिवा से उद्धृत) अनुवाद- राजेश कुमार झा विरक्त हो संसार से, मुक्ति का यह मार्ग नहीं मेरा। संसार चक्र के शतबंधन से आबद्ध, करूँ आस्वादन अनंतमुक्ति, अमृतरस का... ध्वनि, दृश्य, गंध के हर स्पंदन से निःसृत, करूँ रसपान तेरे परम आह्लाद का, भाव व आसक्ति  की चिंगारी से सिंचित …

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