1971- A people’s History From Bangladesh, Pakistan and India by Anam Zakaria

1971- A people's History From Bangladesh, Pakistan and India written by Anam Zakaria looks at the momentous events of 1971 from multiple perspectives of people from three countries. It brings out the way people construct memory of the events. A book written to explore the complexity of reality, without losing sight of the facts of history. A book review by Rajesh K. Jha

सैयद शमशुल हक की कविताएं -2 (बंगलादेश)

सैयद शमशुल हक (1935-2016) बंगलादेश के अग्रणी कवि, हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिकताबोध के साथ ही बंगलादेश की सांस्कृतिक विरासत की गंध पिरोयी होती है। उन्होंने कविता, नाटक और उपन्यास के साथ ही अनेक विधाओं में रचनाएं की। ये कविताएं सैयद शमसुल हक के काव्य संग्रह पोरानेर गहीन भीतोर के अंग्रेजी अनुवाद से ली गयी हैं। अंग्रेजी अनुवाद प्रोफेसर सोनिया अमीन ने किया है। उनकी दस कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में दो खंडों में किया गया है। दूसरा खंड।

सैयद शमशुल हक की कविताएं -1 (बंगलादेश)

सैयद शमशुल हक (1935-2016) बंगलादेश के अग्रणी कवि, हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिकताबोध के साथ ही बंगलादेश की सांस्कृतिक विरासत की गंध पिरोयी होती है। उन्होंने कविता, नाटक और उपन्यास के साथ ही अनेक विधाओं में रचनाएं की। ये कविताएं सैयद शमसुल हक के काव्य संग्रह पोरानेर गहीन भीतोर के अंग्रेजी अनुवाद से ली गयी हैं। अंग्रेजी अनुवाद प्रोफेसर सोनिया अमीन ने किया है। उनकी दस कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी में दो खंडों में किया गया है। पहला खंड।

Beatles,Bangladesh and Borges

Roof top concerts have a long and illustrious history. Beatles rooftop concert in 1969 is legendary but the Bangladeshi Aamader Chhade (Our Terrace) performances are great. Through this piece I look at some of the roof top concerts and explore the rich heritage of Bangladeshi music. Read this with a pair of headphones plugged into your ears and don’t forget to click the links.

मियां कविताएं-3

मियां कविताओं का श्रृंखला में मैंने अब तक दो ब्लॉगों में १० कविताएं शामिल की हैं। प्रतिरोध की इन कविताओं की तीसरी और आखिरी कड़ी में प्रस्तुत हैं चार और कविताएं।

मियां कविताएं-2

असम में रहने वाले बंगलाभाषी मुसलमानों को मियां कहा जाता है। यह उनके लिए एक अपमानजनक संबोधन है। इस समुदाय के लोगों को लंबे समय से सामाजिक तिरस्कार और हिंसा का शिकार होना पड़ा है। इसके प्रतिरोध में मियां कविता का दौर शुरू हुआ जिसे सोशल मीडिया ने लोगों के सामने लाया। इन कविताओं में गहरी संवेदना और संघर्ष की चेतना दिखाई देती है।
मैंने कुछ मियां कविताओं का अंग्रेजी से अनुवाद किया है जो तीन किश्तों में ब्लॉग पर डाल रहा हूं। पेश है इस किश्त की दूसरी कड़ी।

मियां कविताएं-1

Muslims of Bengali origins are called Miya in Assam. These people have been at the receiving end of violence and exclusion. They have suffered violence and social discrimination over. long period of time. It gave rise to a protest literature, especially poetry called Miah Poetry. In recent times, after the NRC process got under way, the issues confronting this section of Assamese society became even sharper. A new breed of hard hitting poetry emerged which was popularised by the Social Media. The poems bring out the deep anguish and alienation of Miyas of Assam. The political element of resistance poetry however does not in any way diminish its poetic aesthetics. Translation of Miyah poetry into Hindi has been done in a series of three blogs. Here is the first of the series.

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