अजमेर रोड़ की कविताएं-1

अनुवाद- राजेश कुमार झा

mustard flower 1

कवि परिचय– अजमेर रोड़ (जन्म 1940) पंजाबी तथा अंग्रेजी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर माने जाते हैं। वे कवि, नाटककार और अनुवादक के रूप में प्रख्यात हैं। अब तक उनके पांच काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनका काव्य संग्रह ‘लीला’  आधुनिक पंजाबी साहित्य में ऊंचा स्थान रखता है। माना जाता है कि अजमेर रोड़ ने पंजाबी साहित्य की सीमाओं का विस्तार किया है और उसे एक नयी पहचान दी है। आप्रवासी जीवन के अनुभवों के साथ ही मानव अस्तित्व के गहन प्रश्नों और राजनीतिक विषयों के बारे में गहरी अंतर्दृष्टि उनकी कविताओं के अंदर दिखाई देती है। उनकी कविताओं की सरलता और व्यक्तिगत अनुभव की गहराई पाठक पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। अजमेर रोड़ की कविताओं को पढ़ते हुए अहसास होता है कि आखिर कविता को क्यों साहित्य की एक विशिष्ट विधा के रूप में स्वीकार किया जाता है। वे कनाडा में रहते हैं।

सरसों के फूल

देख रहे हो बस स्टॉप पर अकेले बैठे बूढ़े को,
जानना चाहते हो कौन है वो?
मैं बताता हूं तुम्हें-
वे मेरे पिता हैं।

वे किसी बस या दोस्त का इंतज़ार नहीं कर रहे,
न ही अपनी सैर जारी रखते थोड़ा सुस्ता रहे हैं,
पास की दूकान से वे कुछ खरीदने वाले भी नहीं हैं,
वे तो बस बेंच पर बैठे हैं, यूं ही।

वे बीच बीच में थोड़ा हंस कर बातें कर लेते हैं,
मगर कोई सुनता नहीं,
किसी को उनकी बात से कुछ लेना देना नहीं,
कोई सुने या न सुने,
उन्हें भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

सड़क पर चला जा रहा है
कारों,बसों, इंसानों का तांता,
उनके दिमाग में गुजर रही है
छवियां, रूपक, उपमाएं बेशुमार।
ट्रैफिक लाइट पर जब रुक जाती है गाड़ियां,
उनके गांव में हो जाती है आधी रात,
रोशनी के हरा होते ही,
हो जाती है सुबह।
बजाता है जब कोई गाड़ी का हॉर्न,
भौंकने लगते हैं उनके पड़ोसी के कुत्ते।
सामने से जब गुजरती है पीली कार,
खिल उठते हैं उनके अंदर सरसों के फूल- हज़ार।

आगे गुजरता है एक लंबा आदमी,
पीछे गुम हो जाती है उसकी छाया,
पिता को याद आता है पॉली,
जो हमेशा के लिए गांव छोड़कर चला गया था मलाया,
हल्की सी मुस्कुराहट आती है उनके होंठों पर,
और फिर हो जाती है गुम।

अगर कुछ भी मजेदार नहीं हो रहा होता,
तो वे करने लगते हैं बातें दोबारा-
कहां पैदा हुए थे तुम?कहां से आए हो?
क्या वापस जाओगे तुम कभी?
बुदबुदाते हुए हिलाते हैं वे अपना सर-
हां, सब है नसीब का खेल, भाग्य का लिखा,
और मेरे प्यारे, कहां होगी तुम्हारी मौत?

मौत की बातें लगती हैं उन्हें सबसे मजेदार,
घूमती रहती है बात उनके अंदर देर तक,
बंद कर देते हैं  बातें करना और सोचने लगते हैं-
फ्रेजर रोड पर बने चर्च के बारे में,
अंतिम संस्कार में जहां शामिल हुए हैं वे कई बार,
सोचने लगते हैं लाल और काले रंगों की सजावट,
कल्पना करते हैं चिरनिद्रा में शांति के साथ सोए खुद की,
कतारों में आते लोग देख रहे उन्हें आखिरी बार।
चमक उठती हैं उनकी आंखें,
शायद यही छवि पसंद है उन्हें सबसे अधिक,
जो अचानक खत्म हो जाती है ढीठ बस के आते ही,
उतर कर तेजी से चल देते हैं मुसाफिर कतार में चीटियों की तरह ,
चल पड़ती है बस।
और नज़रें उठती हैं उनकी ट्रैफिक की ओर,
शायद जा रही हो कोई पीली कार।

Mustard Flower-Ajmer Rode-English Text

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‘The Kiss’, Gustav Klimt (1907)

तुम्हारा स्वप्न
अगर तुम भूल गए हो अपना स्वप्न,
फिक्र मत करो,
मैंने देखा था इसे अपनी आंखों से।
जो शख्स काले गुलाब के गुलदस्ते के साथ
खड़ा था तुम्हारे घर के सामने,
वह मैं नहीं था।
जो हाथ प्यार से लिपटे थे तुम्हारी कमर के ऊपर,
वे मेरे नहीं थे।
जो छाता तुम्हारे हाथों से छूटकर,
अचानक गुम हो गया कहीं आसमान में,
छोड़कर तुम्हें निर्वस्त्र बारिश में,
घूमने, हंसने, दौड़ने, गिरने…
जब तक टूटी न तुम्हारी नींद
वो मैं ही तो था।

Your Dream- Ajmer Rode- English Text

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Bill Taylor (1854-1949)

 

पकड़ लो मेरे हाथ
ले लो मेरे दोनों हाथ,
बना डालो उनके आठ पैर,
दे दो उन्हें मकड़ी को,
जिसपर रसोई घर के सिंक में,
गलती से डाल दिया मैंने खौलता पानी।

छुपा लूंगा अपने हाथ लंबी आस्तीनों में,
ब्रश को दांतों में दबाकर पूरी कर लूंगा आखिरी पेंटिंग,
मगर ले लो मेरे दोनों हाथ।

मकड़ी का बदन ऐंठ जाता है अगर,
हो जाती है वह चुप, मर जाती है,
मेरी आत्मा में बुनेगी वह अपना अगला जाला,
चौरासी हजार योनियों में करेगी यात्रा मेरे साथ,
और उसके बाद भी।

Take My Hands- Ajmer Rode- English Text

 

Peasant in a Wheat Field- Van Gogh
Peasant in a Wheat Field (Van Gogh)

नीली चोंच
आसपास कोई मंदिर नहीं था,
मगर इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता था,
पिताजी खुले में ही सर नवा लेते,
शुरू कर देते अपना काम।
हर साल अपने खेत की गहरी भूरी मिट्टी में,
बोते वे गेहूं,
पहला बीज जमीन में डालने के पहले,
हाथ में लेकर एक मुट्ठी बीज छींट देते और कहते,
पक्षियों के लिए उगो,
दूसरी मुट्ठी छींटते थे वे जंगली जानवरों के वास्ते,
तीसरी मुसाफिरों के लिए,
जो गुजरेंगे उधर से, खाना चाहेंगे थोड़ा कच्चा अनाज।

बुर्राक बैल से खिंचते हल के पीछे,
धीरे धीरे डालते थे वे बीज,
चलता था मैं भी उनके साथ साथ,
आश्चर्यचकित होता, देखकर हल का मुंह खुलता और बंद होता,
लगता
जैसे एक ही पल घटित हो रहा हो वर्तमान और भूत।

वे जब गए पश्चिमी कनाडा के फ्रेजर वैली फार्म,
चुनते थे वे नीली बेरियां,
कभी कभार उठा लेते थे मुट्ठी भर बेरियां,
उछालकर हवा में बुदबुदाते- ये चिड़ियों के लिए।
ढेर सारे पक्षी चहचहाते थे उनके मन के अंदर,
अधखायी बेरियों से जिनकी नीली हो चुकी थी चोंच।

Blue Beaks-Ajmer Rode- English Text

'Tridacna Gigas' by photographer Silvia Marmori
‘Tridacna Gigas’ by photographer Silvia Marmori

 

स्पेन के तट पर
मटमैली रेत,
दे रही है मुझे आमंत्रण कि
मैं वापस जा रही लहरों के साथ चलूं,
पहचानू सीप को,
जो हो सकती है वह घर,
जहां पूर्वजों ने शुरू किया हो रहना।
मैं चल रहा हूं धीरे धीरे,
आदर के साथ।

Spanish Banks- Ajmer Rode- English Text

 

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